जानने जब शाहरुख़ खान के इस ‘गिफ्ट’ को आमिर खान के खोल कर भी नहीं देखा था

आमिर खान और शाहरुख़ खान करीबी मित्र हैं. पिछले कुछ सालों में दोनों के बीच की नजदीकी बहुत बढ़ी है. आमिर खान ने ही शाहरुख़ खान से कहा था कि वह सारे जहां से अच्छा फिल्म कर लें. चूंकि उन्हें लगा था कि फिल्म की कहानी शाहरुख़ पर फिट बैठेगी. लेकिन बाद में खबरें आने लगी कि शाहरुख़ खान भी इस फिल्म से बाहर हो गये हैं. आमिर खान ने ऐसे में शाहरुख़ खान से जुड़ी एक दिलचस्प बात शेयर की है और अपने पुराने ज़माने से जुड़ा एक किस्सा याद किया है.

हाल ही में एक इवेंट के दौरान आमिर खान ने बताया कि उन्हें उनकी जिंदगी का पहला लैपटॉप खरीद कर शाहरुख़ खान ने दिया था. आमिर बताते हैं कि 90 के दौर में लैपटॉप नया नया आया था. आमिर खान को शाहरुख़ खान ने कहा कि उन्हें लैपटॉप लेना चाहिए. आमिर कहते हैं कि उन्हें तकनीकी चीजों में कम दिलचस्पी है. शाहरुख़ और आमिर 1996 में एक टूर में गये थे. अमेरिका में.

वहां शाहरुख़ ने आमिर से कहा कि एक नया कंप्यूटर आया है. मैं ले रहा हूं. तुम भी लेलो. इस पर आमिर ने कहा कि मुझे क्या जरूरत है कंप्यूटर लेने की.

125 Replies to “जानने जब शाहरुख़ खान के इस ‘गिफ्ट’ को आमिर खान के खोल कर भी नहीं देखा था”

  1. I would like to express my gratitude for your kindness for those who really want help on this particular subject. Your special dedication to passing the message all over ended up being particularly useful and have always helped people like me to arrive at their pursuits. Your amazing useful hints and tips implies this much a person like me and still more to my office workers. Regards; from everyone of us.

  2. I have been browsing online more than three hours today, yet I never found any interesting article like yours. It is pretty worth enough for me. In my view, if all website owners and bloggers made good content as you did, the net will be much more useful than ever before.

  3. Thank you for the sensible critique. Me & my neighbor were just preparing to do a little research on this. We got a grab a book from our local library but I think I learned more clear from this post. I’m very glad to see such great info being shared freely out there.

  4. Pingback: naltrzone online
  5. Знаете ли вы?
    Владелец вернул похищенную картину Пикассо почтой, не найдя покупателей.
    «С любимыми не расставайтесь…» автор написал после того, как чуть не погиб в железнодорожной катастрофе.
    Во время немецкой оккупации Украины радио на украинском языке вещало из Саратова и Москвы.
    В игре про выгорание отражён печальный личный опыт главного разработчика.
    Кустурица пропустил получение «Золотой ветви» в Каннах, так как любит друзей больше, чем церемонии награждения.


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *